रविवार, 17 अप्रैल 2011

एक हाइकू....

तपती रेत
दि‍न भर हँसती 
धूप समेत

       *

5 टिप्‍पणियां:

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

बहुत सुन्दर

Coral ने कहा…

क्या बात है

बस इतनी सी .....

G.N.SHAW ने कहा…

इसके सिवा कुछ भी नहीं

Markand Dave ने कहा…

प्रिय श्रीक्षीरसागरजी,

धूप के साथ रेत हँसती है,

बहुत बढ़िया हाइकू, आपको ढेरों बधाई ।

मार्कण्ड दवे।

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

majabuurii hai, ro kar bhii kyaa fayada.
sundar.

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